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कुलाधिपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी भी हो चुकी है.

सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना more info करना है।

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

Navratri is enough time to worship the universe's sacred feminine spirit, Goddess Durga, with utmost devotion and faith. Would you realize why we celebrate Navratri? Make it possible for me to answer. Navratri is enough time of calendar year to rejoice the modify of seasons with perseverance, renewal, and joy.

चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,

घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।

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पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।

फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें। 

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